राजस्व वसूली/निष्पादन

वाणिज्यिक निष्पादन 
बिक्री एवं प्राप्तियाँ 
वर्ष के दौरान कंपनी की परिचालन से आय (Sales from Operations) ₹10,328.26 करोड़ रही। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कुल बिलिंग ₹8,597.06 करोड़ (लाभार्थियों से प्राप्त शुद्ध ब्याज सहित) रही, जबकि कुल वसूली ₹8,742.58 करोड़ रही, जिसमें ₹27.32 करोड़ की विलंबित भुगतान अधिभार (Late Payment Surcharge) के रूप में प्राप्त राशि भी सम्मिलित है। विद्युत व्यापार व्यवसाय (Power Trading Business) से प्राप्तियों सहित वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी की कुल वसूली ₹9,156.82 करोड़ रही। 31 मार्च, 2026 की स्थिति के अनुसार 45 दिनों से अधिक अवधि से लंबित कुल बकाया राशि ₹237.14 करोड़ थी। उक्त बकाया राशि में प्रमुख रूप से जम्मू एवं कश्मीर पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड, जम्मू एवं कश्मीर से संबंधित ₹115.45 करोड़ की राशि सम्मिलित है। कंपनी द्वारा निरंतर अनुवर्ती कार्रवाई (Continuous Follow-up) के माध्यम से उक्त बकाया राशि की वसूली हेतु हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
विद्युत क्रय करारों (Power Purchase Agreements – PPAs) का निष्पादन
हमारे विद्युत स्टेशनों के लिए दीर्घकालिक विद्युत क्रय करारों (PPAs) की उपलब्धता कंपनी के सतत् विकास एवं वित्तीय स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे कंपनी के राजस्व की पूर्वानुमेयता (Revenue Visibility) सुनिश्चित होती है तथा विनियमित प्रतिफल (Assured Rate of Return) प्राप्त होता है, जिसका उपयोग व्यवसाय के विस्तार एवं विकास के लिए किया जा सकता है।
इसी उद्देश्य से वाणिज्यिक प्रभाग द्वारा वर्तमान में परिचालित, निर्माणाधीन तथा आगामी परियोजनाओं के लिए उनकी संपूर्ण उपयोगी आयु (Useful Life) की अवधि हेतु दीर्घकालिक विद्युत क्रय करारों (PPAs) के निष्पादन पर विशेष बल दिया गया है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान एनएचपीसी द्वारा निम्नलिखित विद्युत स्टेशनों एवं आगामी परियोजनाओं के संबंध में विद्युत क्रय करार (PPAs) निष्पादित किए गए।
 
सीपीएसयू योजना के अंतर्गत अनेक नई जलविद्युत एवं सौर परियोजनाओं को स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात, एनएचपीसी द्वारा इन नई परियोजनाओं की विद्युत क्षमता के दीर्घकालिक आवंटन हेतु विभिन्न राज्यों तथा विद्युत वितरण कंपनियों (DISCOMs) के साथ विद्युत क्रय करार (PPA) निष्पादित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

निम्नलिखित परियोजनाओं के संबंध में विद्युत क्रय करार (Power Purchase Agreements - PPAs) निष्पादित किए गए हैं: 
क्र. सं.परियोजना / राज्यपीपीए हस्ताक्षरित राज्य पीपीए पर हस्ताक्षर की तिथिपीपीए की वैधता​
हाइड्रो प्रोजेक्ट्स (NHPC स्टैंड-अलोन)
1.2880 मेगावाट दिबांग एमपीपी
अरुणाचल प्रदेश
Madhya Pradesh Power Management Company Limited27.06.2025COD से 40 वर्ष
2.Maharashtra State Electricity Distribution Company Limited30.06.2025COD से 40 वर्ष
3.Tripura State Electricity Company Limited20.06.2025COD से 40 वर्ष
4.Bihar State Power Holding Company Limited25.06.2025COD से 40 वर्ष
5.GRIDCO Limited,  Odisha13.06.2025COD से 40 वर्ष
6.Electricity Supply Companies of Karnataka26.06.2025COD से 40 वर्ष
1.500 मेगावाट
तीस्ता-VI HEP सिक्किम
BSES Rajdhani Power Limited, Delhi28.06.2025COD से 40 वर्ष
2.BSES Yamuna Power Limited, Delhi28.06.2025COD से 40 वर्ष
3.Bihar State Power Holding Company Limited25.06.2025COD से 40 वर्ष
4.GRIDCO Limited,  Odisha13.06.2025COD से 40 वर्ष
5.Electricity Supply Companies of Karnataka26.06.2025COD से 40 वर्ष
 
हाइड्रो प्रोजेक्ट्स (JV/सहायक कंपनियाँ)
1120 मेगावाट
रंगित-IV
सिक्किम
BSES Rajdhani Power Limited, Delhi30.06.2025COD से 40 वर्ष
2.BSES Yamuna Power Limited, Delhi30.06.2025COD से 40 वर्ष
1.1000 मेगावाट पाकल-दुल HEP
जम्मू-कश्मीर केंद्र-शासित प्रदेश
BSES Rajdhani Power Limited, Delhi28.06.2025COD से 40 वर्ष
2.BSES Yamuna Power Limited, Delhi28.06.2025COD से 40 वर्ष
3.Maharashtra State Electricity Distribution Company Limited30.06.2025                               COD से 40 वर्ष
4.Electricity Supply Companies of Karnataka26.06.2025COD से 40 वर्ष
1.540 मेगावाट
कावर HEP
जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश
BSES Rajdhani Power Limited, Delhi28.06.2025COD से 40 वर्ष
2.BSES Yamuna Power Limited, Delhi28.06.2025COD से 40 वर्ष
3.Maharashtra State Electricity Distribution Company Limited30.06.2025COD से 40 वर्ष
4.Electricity Supply Companies of Karnataka26.06.2025COD से 40 वर्ष
1.850MW
रातले HEP
J&K केंद्र शासित प्रदेश
BSES Rajdhani Power Limited, Delhi28.06.2025COD से 40 वर्ष
Maharashtra State Electricity Distribution Company Limited 30.06.2025COD से 40 वर्ष
2.West Bengal State Electricity Distribution11.06.2025COD से 40 वर्ष
3.Bihar State Power Holding Company Limited25.06.2025COD से 40 वर्ष
4.GRIDCO Limited,  Odisha13.06.2025COD से 40 वर्ष
1.624 मेगावाट
किरू HEP
जम्मू-कश्मीर केंद्र-शासित प्रदेश
 
BSES Rajdhani Power Limited, Delhi28.06.2025COD से 40 वर्ष
2.BSES Yamuna Power Limited, Delhi28.06.2025COD से 40 वर्ष
3.Maharashtra State Electricity Distribution Company Limited30.06.2025COD से 40 वर्ष
4.Bihar State Power Holding Company Limited30.06.2025COD से 40 वर्ष
5.GRIDCO Limited,  Odisha13.06.2025COD से 40 वर्ष
6.Electricity Supply Companies of Karnataka26.06.2025COD से 40 वर्ष
 
सोलर (NHPC स्टैंड-अलोन)
1.50 MW
वेस्ट कल्लाडा फ्लोटिंग सोलर PV पावर स्टेशन
Kerala State Electricity Board Limited08.04.2025COD से 25 वर्ष
 
 व्यवसाय विविधीकरण (Diversification)
अक्षय ऊर्जा कार्यान्वयन अभिकरण (Renewable Energy Implementing Agency – REIA) के रूप में एनएचपीसी
11 जून, 2020 को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा एनएचपीसी लिमिटेड को अक्षय ऊर्जा कार्यान्वयन अभिकरण (Renewable Energy Implementing Agency – REIA) के रूप में नामित किया गया।
इस भूमिका में एनएचपीसी, चयनित विकासकर्ताओं की अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy–RE) परियोजनाओं से दीर्घकालिक विद्युत क्रय करारों (Power Purchase Agreements – PPAs) के माध्यम से विद्युत का समेकन (Aggregation) करती है तथा मध्यस्थ क्रेता (Intermediary Procurer) के रूप में बैक-टू-बैक आधार पर दीर्घकालिक विद्युत विक्रय करारों (Power Sale Agreements – PSAs) के माध्यम से वितरण अनुज्ञप्तिधारियों (Distribution Licensees), उपभोक्ता संस्थाओं तथा मुक्त अभिगम (Open Access) उपभोक्ताओं को विद्युत की आपूर्ति करती है। लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार व्यापारिक मार्जिन (Trading Margin) का भुगतान अंतिम क्रेता (End Procurer) द्वारा किया जाता है।
प्रथम चरण (Phase-I) के अंतर्गत एनएचपीसी द्वारा 2,000 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाएँ आवंटित की गईं। इनमें से 700 मेगावाट क्षमता वित्तीय वर्ष 2024-25 तक तथा अतिरिक्त 651 मेगावाट क्षमता वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कमीशन की जा चुकी है। शेष 649 मेगावाट क्षमता को वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान कमीशन किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसके अतिरिक्त, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के वित्तीय वर्ष 2023-24 के निविदा कैलेंडर के अनुसार REIA मोड के अंतर्गत एनएचपीसी को 10,000 मेगावाट क्षमता की अक्षय ऊर्जा परियोजनियाँ आवंटित की गईं। इसके विरुद्ध एनएचपीसी द्वारा 7,460 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएँ आवंटित की जा चुकी हैं, जिनमें 3,000 मेगावाट सौर, 3,500 मेगावाट फर्म एवं डिस्पैचेबल अक्षय ऊर्जा (Firm and Dispatchable Renewable Energy – FDRE) तथा 960 मेगावाट सौर-पवन (Solar-Wind) हाइब्रिड परियोजनाएँ सम्मिलित हैं।
आवंटित क्षमता के विरुद्ध 5,348 मेगावाट क्षमता के लिए विद्युत विक्रय करार (PSAs) एवं विद्युत क्रय करार (PPAs) निष्पादित किए जा चुके हैं। इनमें से 219 मेगावाट क्षमता वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कमीशन की गई है, जबकि शेष 5,129 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएँ कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं।
इसके अतिरिक्त, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के वित्तीय वर्ष 2024-25 के निविदा कैलेंडर के अनुसार REIA मोड के अंतर्गत एनएचपीसी को लगभग 10,200 मेगावाट क्षमता का लक्ष्य आवंटित किया गया। इसके विरुद्ध एनएचपीसी द्वारा ग्रीन-शू विकल्प (Green Shoe Option) सहित 13,660 मेगावाट क्षमता की अक्षय ऊर्जा परियोजनाएँ आवंटित की गई हैं, जिनमें 4,570 मेगावाट सौर, 2,350 मेगावाट फर्म एवं डिस्पैचेबल अक्षय ऊर्जा (FDRE), 4,340 मेगावाट सौर + भंडारण (Solar Plus Storage) तथा 2,400 मेगावाट सौर-पवन हाइब्रिड (Solar-Wind Hybrid) परियोजनाएँ सम्मिलित हैं। इनमें से वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 500 मेगावाट क्षमता के लिए विद्युत विक्रय करार (PSAs) एवं विद्युत क्रय करार (PPAs) निष्पादित किए जा चुके हैं।

बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (Battery Energy Storage System – BESS) कार्यान्वयन अभिकरण (BIA मोड) के रूप में एनएचपीसी
17 अक्टूबर, 2024 को विद्युत मंत्रालय द्वारा एनएचपीसी को बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (Battery Energy Storage System – BESS) कार्यान्वयन अभिकरण (BESS Implementing Agency – BIA) के रूप में भी नामित किया गया।
इस भूमिका में एनएचपीसी, भारत सरकार तथा संबंधित विनियामक आयोगों द्वारा जारी लागू दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्धारित समय-सीमा के भीतर बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) परियोजनाओं के कार्यान्वयन हेतु उत्तरदायी है।
केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (CPSU) योजना के अंतर्गत एनएचपीसी को 1,500 मेगावाट-घंटा (MWh) क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) परियोजनाएँ आवंटित की गई हैं, जिनके लिए पूंजीगत लागत के 30 प्रतिशत अथवा ₹27 लाख प्रति मेगावाट-घंटा (MWh), जो भी कम हो, तक व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (Viability Gap Funding – VGF) का प्रावधान किया गया है।
VGF का वितरण परियोजना के विभिन्न माइलस्टोन (Milestones) से संबद्ध पाँच किश्तों में किया जाना है।
एनएचपीसी द्वारा संपूर्ण 1,500 MWh क्षमता के लिए सफलतापूर्वक कार्यादेश-पत्र (Letters of Award – LoA) जारी किए जा चुके हैं, जिनमें 500 MWh क्षमता केरल तथा 1,000 MWh क्षमता आंध्र प्रदेश में स्थापित की जाएगी।
संपूर्ण आवंटित क्षमता के लिए संबंधित बैटरी ऊर्जा भंडारण विक्रय करार (Battery Energy Storage Sale Agreement – BESSA) तथा बैटरी ऊर्जा भंडारण क्रय करार (Battery Energy Storage Purchase Agreement – BESPA) वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान निष्पादित किए जा चुके हैं।
BIA ढाँचे के अंतर्गत देय व्यापारिक मार्जिन (Trading Margin), BESPA की अवधि के दौरान एनएचपीसी के राजस्व में योगदान देगा।

विद्युत व्यापार व्यवसाय (Power Trading Business)
व्यवसाय विस्तार एवं विविधीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत एनएचपीसी ने विद्युत व्यापार व्यवसाय (Power Trading Business) के क्षेत्र में भी प्रवेश किया है।
कंपनी के विद्युत व्यापार व्यवसाय का उद्देश्य अपने ग्राहकों, जैसे कि विद्युत क्रेताओं/वितरण कंपनियों (DISCOMs), विद्युत उत्पादकों/विक्रेताओं तथा अन्य विद्युत उपयोगिताओं (Utilities) को कुशल एवं प्रभावी व्यावसायिक समाधान उपलब्ध कराना है।
वित्तीय वर्ष 2018-19 में एनएचपीसी को केन्द्रीय विद्युत विनियामक आयोग (CERC) द्वारा सम्पूर्ण भारत में अंतर्राज्यीय विद्युत व्यापार के लिए श्रेणी-I (Category-I) का लाइसेंस प्रदान किया गया।
एनएचपीसी डीईईपी (DEEP - Discovery of Efficient Electricity Price) ई-बिडिंग पोर्टल पर पंजीकृत है तथा इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (Indian Energy Exchange - IEX) एवं पावर एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (Power Exchange of India Limited - PXIL) की ट्रेडर सदस्यता प्राप्त कर चुकी है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान एनएचपीसी द्वारा 1,907.69 मिलियन यूनिट (MU) विद्युत का व्यापार किया गया, जिससे ₹608.09 करोड़ का कारोबार (Turnover) प्राप्त हुआ। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी ने 1,776.71 मिलियन यूनिट (MU) विद्युत का व्यापार किया, जिससे ₹470.04 करोड़ का कारोबार अर्जित हुआ।
इसके अतिरिक्त, सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना से प्राप्त 9.79 मिलियन यूनिट (MU) निःशुल्क विद्युत (Free Power) का विद्युत एक्सचेंज के माध्यम से व्यापार किया गया, जिसके परिणामस्वरूप वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ₹4.08 करोड़ की प्राप्ति हुई।