अवलोकन
एनएचपीसी लिमिटेड भारत का सबसे बड़ा जलविद्युत विकास संगठन है, जो जलविद्युत परियोजनाओं की संकल्पना से लेकर उनके क्रियान्वयन तक सभी कार्यकलापों को करने में सक्षम है। एनएचपीसी ने सौर एवं पवन ऊर्जा विकास आदि के क्षेत्र में भी विविधीकरण किया है।
एनएचपीसी की स्थापना 7 नवंबर, 1975 को "नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड" नाम से एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में हुई थी। 2 अप्रैल, 1986 से एनएचपीसी को पब्लिक लिमिटेड कंपनी में परिवर्तित कर दिया गया था । 2008 में कंपनी का नाम बदलकर वर्तमान नाम "एनएचपीसी लिमिटेड" कर दिया गया था । एनएचपीसी को भारत सरकार द्वारा अप्रैल, 2008 में मिनीरत्न का दर्जा दिया गया और 2009 में सफलतापूर्वक अपना आईपीओ पूरा करने के बाद यह एनएसई और बीएसई में सूचीबद्ध कंपनी बन गई। अगस्त, 2024 में कंपनी को नवरत्न का दर्जा दिया गया।
31.12.2025 तक एनएचपीसी की अधिकृत शेयर पूंजी ₹17,500 करोड़, प्रदत शेयर पूंजी ₹10,045.03 करोड़ और निवेश आधार (परिसंपत्तियां) ₹96029.38 करोड़ (स्टैंडअलोन) है। यह एक ISO: 9001:2015, ISO-14001:2015 और ISO 45001:2018 प्रमाणित कंपनी है। इसका विज़न "सक्षम, उत्तरदायी और नवीन मूल्यों के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा के सतत विकास हेतु एक वैश्विक अग्रणी संगठन बनना" है।
स्थापित क्षमता
01 फ़रवरी, 2026 तक, एनएचपीसी की कुल स्थापित क्षमता 8832.90 मेगावाट है, जिसमें संयुक्त उद्यम में 1681.70 मेगावाट शामिल है। कुल स्थापित क्षमता में 24 जल विद्युत स्टेशनों से 8271.20 मेगावाट, छह सौर ऊर्जा परियोजनाओं से 511.70 मेगावाट और एक पवन ऊर्जा परियोजना से 50 मेगावाट शामिल है। एनएचपीसी की 8271.20 मेगावाट की जल विद्युत हिस्सेदारी, देश की कुल स्थापित जल विद्युत क्षमता 50914.66 मेगावाट का लगभग 16.24% है, (31.12.2025) तक, सीईए वेबसाइट के अनुसार)।
निर्माणाधीन परियोजनाएं
एनएचपीसी (संयुक्त उद्यमों / सहायक कंपनियों सहित) निम्नलिखित पंद्रह परियोजनाओं के निर्माण में लगी हुई है, जिनकी कुल क्षमता 9204 मेगावाट है:
एनएचपीसी (संयुक्त उद्यम/सहायक कंपनियों सहित) कुल 10763 मेगावाट क्षमता की ग्यारह परियोजनाओं के विकास में लगी हुई है, जोकि मंज़ूरी के अधीन है। इनमें शामिल हैं:
नवीकरणीय ऊर्जा पहल
उत्पादन और लाभ
NHPC का पिछले 5 वर्षों का उत्पादन (मिलियन यूनिट):

पिछले 5 वर्षों में NHPC के विद्युत उत्पादन (मिलियन यूनिट) का चार्ट
वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान:
वित्त वर्ष 2024-25 में ऊर्जा बिक्री और शुद्ध लाभ
नोट: आंकड़े संबंधित वित्तीय वर्ष की ऑडिटेड रिपोर्ट से लिए गए हैं।
@योजना, संचालन एवं वित्त
एनएचपीसी की स्थापना 7 नवंबर, 1975 को "नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड" नाम से एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में हुई थी। 2 अप्रैल, 1986 से एनएचपीसी को पब्लिक लिमिटेड कंपनी में परिवर्तित कर दिया गया था । 2008 में कंपनी का नाम बदलकर वर्तमान नाम "एनएचपीसी लिमिटेड" कर दिया गया था । एनएचपीसी को भारत सरकार द्वारा अप्रैल, 2008 में मिनीरत्न का दर्जा दिया गया और 2009 में सफलतापूर्वक अपना आईपीओ पूरा करने के बाद यह एनएसई और बीएसई में सूचीबद्ध कंपनी बन गई। अगस्त, 2024 में कंपनी को नवरत्न का दर्जा दिया गया।
31.12.2025 तक एनएचपीसी की अधिकृत शेयर पूंजी ₹17,500 करोड़, प्रदत शेयर पूंजी ₹10,045.03 करोड़ और निवेश आधार (परिसंपत्तियां) ₹96029.38 करोड़ (स्टैंडअलोन) है। यह एक ISO: 9001:2015, ISO-14001:2015 और ISO 45001:2018 प्रमाणित कंपनी है। इसका विज़न "सक्षम, उत्तरदायी और नवीन मूल्यों के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा के सतत विकास हेतु एक वैश्विक अग्रणी संगठन बनना" है।
स्थापित क्षमता
01 फ़रवरी, 2026 तक, एनएचपीसी की कुल स्थापित क्षमता 8832.90 मेगावाट है, जिसमें संयुक्त उद्यम में 1681.70 मेगावाट शामिल है। कुल स्थापित क्षमता में 24 जल विद्युत स्टेशनों से 8271.20 मेगावाट, छह सौर ऊर्जा परियोजनाओं से 511.70 मेगावाट और एक पवन ऊर्जा परियोजना से 50 मेगावाट शामिल है। एनएचपीसी की 8271.20 मेगावाट की जल विद्युत हिस्सेदारी, देश की कुल स्थापित जल विद्युत क्षमता 50914.66 मेगावाट का लगभग 16.24% है, (31.12.2025) तक, सीईए वेबसाइट के अनुसार)।
निर्माणाधीन परियोजनाएं
एनएचपीसी (संयुक्त उद्यमों / सहायक कंपनियों सहित) निम्नलिखित पंद्रह परियोजनाओं के निर्माण में लगी हुई है, जिनकी कुल क्षमता 9204 मेगावाट है:
- 2000 मेगावाट सुबनसिरी लोअर जल विद्युत परियोजना, अरुणाचल प्रदेश (250 मेगावाट की 8 इकाइयों में से 2 इकाइयाँ, कुल मिलाकर 500 मेगावाट क्रमशः 23.12.2025 और 01.02.2026 को चालू की गईं)।
- 2880 मेगावाट दिबांग बहुउद्देशीय परियोजना, अरुणाचल प्रदेश
- 500 मेगावाट तीस्ता-VI जल विद्युत परियोजना, सिक्किम
- 1000 मेगावाट सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की योजना के अंतर्गत:
- 600 मेगावाट सौर पीवी विद्युत परियोजना, गुजरात
- 100 मेगावाट सौर पीवी विद्युत परियोजना, आंध्र प्रदेश
- 40 मेगावाट भू-स्थित सौर विद्युत परियोजना, गंजम, ओडिशा
- 50 मेगावाट फ्लोटिंग सौर विद्युत परियोजना, पश्चिम कल्लाड़ा, केरल
- ग्रिड से जुड़ी सौर पीवी परियोजना, चरण-I और III, खावड़ा, गुजरात (प्रत्येक 200 मेगावाट)
- 120 मेगावाट रंगीत-IV जल विद्युत परियोजना, सिक्किम
- 850 मेगावाट रतले जल विद्युत परियोजना, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर, आरएचपीसीएल द्वारा
- 1000 मेगावाट की पाकलदुल जलविद्युत परियोजना; 624 मेगावाट कीरू जलविद्युत परियोजना; 540 मेगावाट की क्वार जलविद्युत परियोजना, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर, सीवीपीपीएल द्वारा (जेकेएसपीडीसी के साथ संयुक्त उद्यम)
- 1200 मेगावाट का जालौन अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क, उत्तर प्रदेश, बीएसयूएल द्वारा (यूपीएनईडीए के साथ संयुक्त उद्यम) (यह एक सोलर पार्क है और क्षमता वृद्धि में शामिल नहीं है)
एनएचपीसी (संयुक्त उद्यम/सहायक कंपनियों सहित) कुल 10763 मेगावाट क्षमता की ग्यारह परियोजनाओं के विकास में लगी हुई है, जोकि मंज़ूरी के अधीन है। इनमें शामिल हैं:
- एनएचपीसी द्वारा 5 जलविद्युत परियोजनाएँ
- संयुक्त उद्यम मोड में 4 जलविद्युत परियोजना और 2 सौर परियोजनाएँ
नवीकरणीय ऊर्जा पहल
- एमएनआरई द्वारा 'नवीकरणीय ऊर्जा कार्यान्वयन एजेंसी (आरईआईए)' के रूप में नामित - - कुल प्रदान की गई क्षमता 23120 मेगावाट
- एनटीपीसी और एसजेवीएन के साथ बीईएसएस कार्यान्वयन एजेंसी (बीआईए) के रूप में चयनित - 1500 मेगावाट घंटा सीपीएसयू घटक के अंतर्गत आवंटित
- प्रधानमंत्री सूर्य गृह-मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 5 राज्यों और 8 मंत्रालयों में रूफटॉप सोलराइजेशन हेतु अधिकृत
- एनएचपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (एनएचपीसी आरईएल) की स्थापना
- हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी: लेह में एक 25 किलोवाट का पायलट, कारगिल और चंबा में दो पायलट हरित हाइड्रोजन आधारित ई-मोबिलिटी स्टेशन
उत्पादन और लाभ
NHPC का पिछले 5 वर्षों का उत्पादन (मिलियन यूनिट):

पिछले 5 वर्षों में NHPC के विद्युत उत्पादन (मिलियन यूनिट) का चार्ट
वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान:
- विक्री से आय: ₹8920 करोड़
- शुद्ध लाभ: ₹3084 करोड़

वित्त वर्ष 2024-25 में ऊर्जा बिक्री और शुद्ध लाभ
नोट: आंकड़े संबंधित वित्तीय वर्ष की ऑडिटेड रिपोर्ट से लिए गए हैं।
@योजना, संचालन एवं वित्त