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एनएचपीसी लिमिटेड, भारत की अग्रणी जलविद्युत कंपनी एवं भारत सरकार के नवरत्न उद्यम ने 07 नवंबर, 2026 को अपना 52वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर निगम के फरीदाबाद स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय के साथ-साथ सभी क्षेत्रीय कार्यालयों, पावर स्टेशनों, परियोजनाओं एवं इकाइयों में भी समारोह आयोजित किए गए।
समारोह का शुभारंभ फरीदाबाद स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय में एनएचपीसी के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक श्री भूपेंद्र गुप्ता द्वारा एनएचपीसी ध्वज फहराने तथा एनएचपीसी गीत के गायन के साथ हुआ। इस अवसर पर श्री संजय कुमार सिंह, निदेशक (परियोजनाएं), श्री सुप्रकाश अधिकारी, निदेशक (तकनीकी), श्री महेश कुमार शर्मा, निदेशक (वित्त) तथा श्री परेश आर. राणपरा, निदेशक (कार्मिक) सहित निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। देशभर में स्थित एनएचपीसी के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों, पावर स्टेशनों, परियोजनाओं एवं इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों भी वेबकास्ट के माध्यम से समारोह से जुड़े ।
इस अवसर पर उपस्थित कार्मिकों को संबोधित करते हुए श्री भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी ने एनएचपीसी परिवार के सभी सदस्यों, जिनमें कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी, उनके परिवारजन, सुरक्षा कर्मी तथा संविदा कर्मी शामिल हैं, को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने 07 नवंबर, 1975 को स्थापना से लेकर अब तक की एनएचपीसी की गौरवशाली यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले पांच दशकों में निगम ने अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने एनएचपीसी को देश की सबसे बड़ी जलविद्युत कंपनी के रूप में स्थापित करने में कर्मचारियों के समर्पण, व्यावसायिक दक्षता एवं टीम भावना की सराहना की।
अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी ने बताया कि निगम की वर्तमान स्थापित क्षमता 9,583 मेगावाट है तथा लगभग 8,954 मेगावाट क्षमता की 17 परियोजनाएं निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। उन्होंने सौर, पवन एवं पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं के क्षेत्र में निगम की बढ़ती उपस्थिति तथा ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में की जा रही पहलों पर भी प्रकाश डाला। प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि 2,000 मेगावाट की सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना की पांच इकाइयां (1,250 मेगावाट) सफलतापूर्वक चालू की जा चुकी हैं, जबकि 2,880 मेगावाट की दिबांग बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने चालू वित्त वर्ष के दौरान हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियों का भी उल्लेख किया, जिनमें जुलाई 2026 में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 300 मेगावाट की कर्णिसर सौर ऊर्जा परियोजना, बीकानेर का उद्घाटन तथा अक्तूबर 2023 में उत्तरी सिक्किम में आई जीएलओएफ (GLOF) आपदा से व्यापक रूप से क्षतिग्रस्त तीस्ता-V पावर स्टेशन की तीनों इकाइयों का सफलतापूर्वक पुनः चालू किया जाना शामिल है।
एनएचपीसी के महत्वाकांक्षी विकास लक्ष्यों को दोहराते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि निगम का लक्ष्य वित्त वर्ष 2031-32 तक 23,000 मेगावाट तथा वर्ष 2047 तक 50,000 मेगावाट की स्थापित क्षमता हासिल करना है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क संपर्क, पेयजल एवं कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सीएसआर पहलों के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक विकास में निगम के योगदान को भी रेखांकित किया। डिजिटल परिवर्तन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने 01 सितंबर, 2026 को निगम में SAP ERP का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन एवं गो-लाइव किए जाने को एनएचपीसी की डिजिटल यात्रा की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
श्री गुप्ता ने कहा कि एनएचपीसी की सबसे बड़ी ताकत उसके कर्मचारी हैं। उन्होंने कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों एवं उनके परिवारों के योगदान की सराहना की। उन्होंने तीस्ता-VI परियोजना में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जान गंवाने वाले 25 कर्मियों, जिनमें एनएचपीसी के दो युवा इंजीनियर भी शामिल थे, को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा कर्मचारी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के प्रति निगम की प्रतिबद्धता दोहराई।
राष्ट्र निर्माण में एनएचपीसी की भूमिका को रेखांकित करते हुए श्री गुप्ता ने विकसित भारत @2047 के संकल्प तथा वर्ष 2070 तक भारत के नेट जीरो उत्सर्जन लक्ष्य को प्राप्त करने में निगम की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने भारत सरकार, विद्युत मंत्रालय, विभिन्न राज्य सरकारों तथा सभी हितधारकों के निरंतर सहयोग एवं समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। अपने संबोधन के समापन पर उन्होंने एनएचपीसी परिवार के सभी सदस्यों से “एक एनएचपीसी, एक विजन, एक मिशन” की भावना के साथ मिलकर कार्य करने तथा देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने, स्वच्छ ऊर्जा विकास को गति देने एवं सतत विकास के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करने का आह्वान किया।
07.11.2026
फ़रीदाबाद
समारोह का शुभारंभ फरीदाबाद स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय में एनएचपीसी के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक श्री भूपेंद्र गुप्ता द्वारा एनएचपीसी ध्वज फहराने तथा एनएचपीसी गीत के गायन के साथ हुआ। इस अवसर पर श्री संजय कुमार सिंह, निदेशक (परियोजनाएं), श्री सुप्रकाश अधिकारी, निदेशक (तकनीकी), श्री महेश कुमार शर्मा, निदेशक (वित्त) तथा श्री परेश आर. राणपरा, निदेशक (कार्मिक) सहित निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। देशभर में स्थित एनएचपीसी के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों, पावर स्टेशनों, परियोजनाओं एवं इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों भी वेबकास्ट के माध्यम से समारोह से जुड़े ।
इस अवसर पर उपस्थित कार्मिकों को संबोधित करते हुए श्री भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी ने एनएचपीसी परिवार के सभी सदस्यों, जिनमें कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी, उनके परिवारजन, सुरक्षा कर्मी तथा संविदा कर्मी शामिल हैं, को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने 07 नवंबर, 1975 को स्थापना से लेकर अब तक की एनएचपीसी की गौरवशाली यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले पांच दशकों में निगम ने अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने एनएचपीसी को देश की सबसे बड़ी जलविद्युत कंपनी के रूप में स्थापित करने में कर्मचारियों के समर्पण, व्यावसायिक दक्षता एवं टीम भावना की सराहना की।
अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी ने बताया कि निगम की वर्तमान स्थापित क्षमता 9,583 मेगावाट है तथा लगभग 8,954 मेगावाट क्षमता की 17 परियोजनाएं निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। उन्होंने सौर, पवन एवं पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं के क्षेत्र में निगम की बढ़ती उपस्थिति तथा ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में की जा रही पहलों पर भी प्रकाश डाला। प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि 2,000 मेगावाट की सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना की पांच इकाइयां (1,250 मेगावाट) सफलतापूर्वक चालू की जा चुकी हैं, जबकि 2,880 मेगावाट की दिबांग बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने चालू वित्त वर्ष के दौरान हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियों का भी उल्लेख किया, जिनमें जुलाई 2026 में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 300 मेगावाट की कर्णिसर सौर ऊर्जा परियोजना, बीकानेर का उद्घाटन तथा अक्तूबर 2023 में उत्तरी सिक्किम में आई जीएलओएफ (GLOF) आपदा से व्यापक रूप से क्षतिग्रस्त तीस्ता-V पावर स्टेशन की तीनों इकाइयों का सफलतापूर्वक पुनः चालू किया जाना शामिल है।
एनएचपीसी के महत्वाकांक्षी विकास लक्ष्यों को दोहराते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि निगम का लक्ष्य वित्त वर्ष 2031-32 तक 23,000 मेगावाट तथा वर्ष 2047 तक 50,000 मेगावाट की स्थापित क्षमता हासिल करना है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क संपर्क, पेयजल एवं कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सीएसआर पहलों के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक विकास में निगम के योगदान को भी रेखांकित किया। डिजिटल परिवर्तन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने 01 सितंबर, 2026 को निगम में SAP ERP का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन एवं गो-लाइव किए जाने को एनएचपीसी की डिजिटल यात्रा की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
श्री गुप्ता ने कहा कि एनएचपीसी की सबसे बड़ी ताकत उसके कर्मचारी हैं। उन्होंने कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों एवं उनके परिवारों के योगदान की सराहना की। उन्होंने तीस्ता-VI परियोजना में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जान गंवाने वाले 25 कर्मियों, जिनमें एनएचपीसी के दो युवा इंजीनियर भी शामिल थे, को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा कर्मचारी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के प्रति निगम की प्रतिबद्धता दोहराई।
राष्ट्र निर्माण में एनएचपीसी की भूमिका को रेखांकित करते हुए श्री गुप्ता ने विकसित भारत @2047 के संकल्प तथा वर्ष 2070 तक भारत के नेट जीरो उत्सर्जन लक्ष्य को प्राप्त करने में निगम की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने भारत सरकार, विद्युत मंत्रालय, विभिन्न राज्य सरकारों तथा सभी हितधारकों के निरंतर सहयोग एवं समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। अपने संबोधन के समापन पर उन्होंने एनएचपीसी परिवार के सभी सदस्यों से “एक एनएचपीसी, एक विजन, एक मिशन” की भावना के साथ मिलकर कार्य करने तथा देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने, स्वच्छ ऊर्जा विकास को गति देने एवं सतत विकास के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करने का आह्वान किया।
07.11.2026
फ़रीदाबाद