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श्री सुप्रकाश अधिकारी निदेशक (तकनीकी) डीआईएन: 10738274

श्री सुप्रकाश अधिकारी ने 16 अप्रैल 2025 को भारत सरकार के नवरत्न उपक्रम एवं देश की अग्रणी जलविद्युत कंपनी एनएचपीसी लिमिटेड में निदेशक (तकनीकी) का पदभार ग्रहण किया है ।

श्री अधिकारी ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग, साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आईआईईएसटी), शिबपुर (पूर्व में बी.ई. कॉलेज, शिबपुर) से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक (बी.ई.) की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने दिसंबर 1990 में प्रोबेशनरी एग्जीक्यूटिव (इलेक्ट्रिकल) के रूप में एनएचपीसी में अपने प्रोफेसनल कैरियर की शुरुआत की।

श्री अधिकारी को 35 वर्षों से अधिक का समृद्ध अनुभव है। उन्होंने जलविद्युत परियोजनाओं की योजना, निर्माण, परीक्षण, कमीशनिंग तथा प्रचालन एवं अनुरक्षण (ओ एंड एम) के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने भारत सरकार के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों तथा नेट-ज़ीरो की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उन्होंने 12 मई 2026 से 11 जून 2026 तक एसजेवीएन लिमिटेड में निदेशक (परियोजनाएँ) का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला है । वर्तमान में वे बुंदेलखंड सौर ऊर्जा लिमिटेड, जो एनएचपीसी और यूपीनेडा का संयुक्त उपक्रम है, के अध्यक्ष भी हैं।

एनएचपीसी के निदेशक मंडल में शामिल होने से पूर्व श्री अधिकारी ने कार्यपालक निदेशक (ओ एंड एम एवं सुरक्षा) के रूप में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। इस भूमिका में उन्होंने विद्युत परियोजनाओं के संचालन एवं अनुरक्षण (Operation & Maintenance) में उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदान करते हुए अनेक सुधारात्मक एवं दक्षता-वर्धक पहलें कीं। उनके मार्गदर्शन में अनुरक्षण गतिविधियों की सुव्यवस्थित योजना, अनुरक्षण कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन तथा नियामकीय आवश्यकताओं के अनुरूप परिचालन व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप एनएचपीसी ने अपने इतिहास का सर्वाधिक वार्षिक विद्युत उत्पादन, अब तक का उच्चतम प्लांट उपलब्धता कारक (PAF) प्राप्त किया तथा उत्पादन इकाइयों के अनियोजित बंद होने (Forced Outages) में उल्लेखनीय कमी दर्ज की।

उन्होंने डिज़ाइन (ई एंड एम) विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला। उनके नेतृत्व में एनएचपीसी की कई परियोजनाओं के इलेक्ट्रो-मैकेनिकल (ई एंड एम) पैकेजों के डिजाइन एवं इंजीनियरिंग कार्य सफलतापूर्वक पूरे हुए। उनके मार्गदर्शन में 800 मेगावाट पार्बती-II जलविद्युत परियोजना, 2000 मेगावाट सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना की 250 मेगावाट क्षमता की चार इकाइयाँ तथा बीकानेर में 300 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र सफलतापूर्वक चालू किए गए, जिससे एनएचपीसी की सौर ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार की रणनीति को मजबूती मिली।
इससे पहले वे 540 मेगावाट चमेरा-I, 120 मेगावाट सेवा-II, 45 मेगावाट निम्मों-बाजगो, 132 मेगावाट टीएलडी-III तथा 60 मेगावाट रंगित विद्युत पावर स्टेशनों में परियोजना प्रमुख के रूप में अपनी प्रभावी नेतृत्व क्षमता और दूरदर्शी सोच से कई वर्षों से लंबित तकनीकी समस्याओं का समाधान किया तथा पावर स्टेशनों की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार किया।

सेवा-II पावर स्टेशन में उन्होंने पूरी तरह क्षतिग्रस्त हेड रेस टनल (HRT) को पुनः स्थापित करने का कठिन कार्य सफलतापूर्वक पूरा कराया। एचआरटी के पुनर्निर्माण (री-टनलिंग) का कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा हुआ, जिससे परियोजना का संचालन शीघ्र पुनः शुरू किया जा सका।