श्री भूपेंद्र गुप्ता अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक डीआईएन : 06940941
श्री भूपेंद्र गुप्ता ने भारत की अग्रणी जलविद्युत कंपनी और भारत सरकार के नवरत्न उद्यम एनएचपीसी लिमिटेड के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक का कार्यभार दिनांक 04.09.2025 को ग्रहण किया है। वह एनएचडीसी लिमिटेड तथा लोकतक डाउनस्ट्रीम हाइड्रोइलेक्ट्रिक कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचपीसी लिमिटेड की सहायक कंपनियां) के निदेशक मंडलों में अध्यक्ष भी हैं। श्री गुप्ता 1 मई, 2025 से एसजेवीएन लिमिटेड, भारत सरकार का नवरत्न उद्यम के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक के पद का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं। वह एसजेवीएन अरुण-3 पावर डेवलपमेंट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड तथा एसजेवीएन लोअर अरुण पावर डेवलपमेंट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (एसजेवीएन लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियां) के निदेशक मंडलों में भी अध्यक्ष हैं। श्री भूपेंद्र गुप्ता इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्रीधारक और परिचालन प्रबंधन में एमबीए हैं। उन्होंने वर्ष 1991 में एसीसी लिमिटेड से अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की और वर्ष 1995 में एसजेवीएन में कार्यभार ग्रहण करके सीपीएसयू में अपना करियर शुरू किया, जहां उन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए 12 वर्षों तक कार्य किया। इस अवधि के दौरान, श्री गुप्ता ने भारत की सबसे बड़ी प्रचालनरत जलविद्युत परियोजना, 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी जलविद्युत संयंत्र के विद्युत-यांत्रिक उपकरणों की योजना, स्थापना, कमीशनिंग तथा प्रचालन एवं अनुरक्षण के उत्तरदायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। उन्होंने लगभग तीन वर्षों (2002-2005) तक 1020 मेगावाट वाली ताला जलविद्युत परियोजना में भी प्रतिनियुक्ति पर भूटान में कार्य किया।
तत्पश्चात, श्री गुप्ता ने मार्च 2007 में आरईसी लिमिटेड में कार्यभार ग्रहण किया और लगभग 6 वर्षों तक जलविद्युत, ताप परियोजनाओं के वित्तपोषण से संबंधित कार्य किए। इसके बाद, उन्होंने आरईसी की दो सहायक कंपनियों अर्थात आरईसी ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड और आरईसी पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड में प्रचालन प्रमुख के रूप में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर कार्य किया। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने पूरे भारत में विद्युत क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए निष्पादन, परियोजना प्रबंधन, संविदा प्रबंधन और परामर्श संबंधी उत्तरदायित्वों का निर्वहन किया तथा आरईसी को सौंपी गई भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं जैसे सौभाग्य, दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई), पीएमडीपी आदि को सफलतापूर्वक पूरा किया है।
बाद में, श्री गुप्ता ने दिसंबर 2020 में प्रतिनियुक्ति पर भूटान में पुनात्सांगछू जलविद्युत परियोजना प्राधिकरण में निदेशक (तकनीकी) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया तथा निर्माणाधीन गतिविधियों का नेतृत्व किया और लंबे समय से लंबित संविदात्मक और लंबित मुद्दों का निपटान किया।
तत्पश्चात, श्री गुप्ता ने 9 जून 2023 को टीएचडीसीआईएल में निदेशक (तकनीकी) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। श्री गुप्ता ने कमीशनिंग संबंधी चुनौतियों और कोविड-19 प्रभावों को दूर करने में कार्यनीतिक रूप से नेतृत्व किया, जिसके परिणामस्वरूप टीएचडीसीआईएल ने 1320 मेगावाट खुर्जा एसटीपीपी का सीओडी सफलतापूर्वक पूरा किया। श्री गुप्ता ने टिहरी पीएसपी में उन्नत प्रौद्योगिकी (वीएसआई) के कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न प्रमुख सिविल संबंधी चुनौतियों, पंप-टरबाइन प्रचालन संबंधी समस्याओं और कमीशनिंग संबंधी बाधाओं के समाधान के लिए कार्यरत सिविल, एचएम और ईएम टीमों का प्रभावी मार्गदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप टिहरी पीएसपी की यूनिट-1 और 2 (प्रत्येक 250 मेगावाट) का सफलतापूर्वक सीओडी किया गया । श्री गुप्ता ने 444 मेगावाट विष्णुगढ़ पीपल्कोटी जलविद्युत परियोजना में टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के रुके हुए प्रचालन को पुन: शुरू करने करने के लिए मार्गदर्शन किया और अब यह परियोजना पूरी होने के अग्रिम चरण में है। दिनांक 01/05/2025 से, एसजेवीएन के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपे जाने के पश्चात, इन्होंने बक्सर थर्मल पीपी की कमीशनिंग संबंधी चुनौतियों का समाधान करने में कार्यनीतिक नेतृत्व करते हुए सितंबर ‘2025 में पहली यूनिट (660 मेगावाट) का सीओडी सफलतापूर्वक प्राप्त करने में सहायता की और इस परियोजना की दूसरी यूनिट को मार्च 2026 में चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। एसजेवीएन ने श्री गुप्ता के नेतृत्व में दिसंबर 2025 में 1000 मेगावाट की बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना की पूरी क्षमता भी चालू कर दी है।
एनएचपीसी के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक रूप में कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात, श्री गुप्ता निर्माणाधीन परियोजनाओं का शीघ्र निष्पादन और कमीशनिंग की दिशा में एनएचपीसी को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहे हैं और एनएचपीसी पोर्टफोलियो में नई जलविद्युत परियोजनाओं को ला रहे हैं। एनएचपीसी का कार्यभार संभालने के बाद से, 300 मेगावाट बीकानेर सौर संयंत्र को चालू किया गया है और 250 मेगावाट के सुबनसिरी लोअर जलविद्युत की दो यूनिटों (यूनिट #2 और #3) का सीओडी सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया है।
श्री गुप्ता का विद्युत सीपीएसयू में 31 वर्षों के अनुभव के साथ 34 वर्षों से अधिक का शानदार करियर रहा है। श्री गुप्ता ने जलविद्युत, तापीय, नवीकरणीय ऊर्जा, पारेषण और वितरण क्षेत्रों में भारतीय विद्युत क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका विशेष योगदान बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं के साथ-साथ पारेषण और वितरण परियोजनाओं की योजना, डिजाइन, निष्पादन, संविदा और परियोजना प्रबंधन तथा प्रचालन एवं रखरखाव में रहा है।
श्री गुप्ता का भावी दृष्टिकोण गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित संसाधनों के माध्यम से भारत की बढ़ती विद्युत मांग को पूरा करने पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य हमारे देश को ऊर्जा सुरक्षा में आत्मनिर्भर बनाना है। यह दृष्टिकोण कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के एकीकरण के माध्यम से संधारणीय ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने के साथ-साथ अन्य नई और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे: ग्रिड में ईवी एकीकरण, साइबर सुरक्षा और डिजिटल संरक्षण, ग्रीन हाइड्रोजन, जैव ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण को अपनाने पर भी जोर देता है।
अपनी पेशेवर उपलब्धियों के अलावा, श्री गुप्ता खेलों में भी रुचि रखते हैं। वह बैडमिंटन और टेबल टेनिस जैसे खेलों में सक्रियता से भाग लेते हैं और कई अंतर-सीपीएसयू टूर्नामेंटों में अपने संगठन का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।