एनएचपीसी की 50वीं वार्षिक आम बैठक का आयोजन
एनएचपीसी ने दिनांक 28.08.2026 को अपने पंजीकृत कार्यालय, फरीदाबाद से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपनी 50वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) का आयोजन किया। कंपनी के सदस्यों ने, अन्य बातों के साथ-साथ, फरवरी 2026 में भुगतान किए गए ₹1.40 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम लाभांश के अतिरिक्त, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹0.21 प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम लाभांश की घोषणा के प्रस्ताव पर विचार किया।
अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक श्री भूपेंद्र गुप्ता ने एजीएम में शेयरधारकों को संबोधित किया। एनएचपीसी बोर्ड के सदस्यों सहित निदेशक (परियोजनाएं), श्री संजय कुमार सिंह, निदेशक (तकनीकी), श्री सुप्रकाश अधिकारी, निदेशक (वित्त), श्री महेश कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक), श्री परेश आर. राणपरा, सरकार द्वारा नामित निदेशक, श्री दिवाकर नाथ मिश्र, स्वतंत्र निदेशक, डॉ. बर्नाडेट लिंगदोह के साथ-साथ कंपनी सचिव श्रीमती रूपा देब भी उपस्थित थीं।
इस अवसर पर अपने संबोधन में, श्री गुप्ता ने भारत के स्वच्छ ऊर्जा ट्रांजिशन में विशेष रूप से सौर और पवन ऊर्जा के तीव्र विस्तार के बीच ग्रिड संतुलन, विद्युत की अधिक मांग के दौरान समर्थन तथा ऊर्जा भंडारण के लिए जलविद्युत के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पंप भंडारण परियोजनाओं पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने और सहायक नीतिगत उपायों से जलविद्युत क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण अवसर उत्पन्न हुए हैं। उन्होंने कहा कि एनएचपीसी अपने सुदृढ़ जलविद्युत पोर्टफोलियो और सौर, पवन व अन्य स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में बढ़ती मौजूदगी के कारण इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह से सक्षम है। एनएचपीसी के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दोहराते हुए, उन्होंने कहा कि कंपनी 2047 तक 50,000 मेगावाट की संस्थापित क्षमता प्राप्त करने और भारत की ऊर्जा सुरक्षा तथा स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी के प्रदर्शन को रेखांकित करते हुए, श्री गुप्ता ने कहा कि एनएचपीसी ने सुबनसिरी लोअर (750 मेगावाट), पार्बती-II (800 मेगावाट) और करणीसर सौर (300 मेगावाट) परियोजनाओं को चालू करके एक ही वित्तीय वर्ष में 1,850 मेगावाट की अपनी अब तक की सबसे अधिक क्षमता हासिल की है, जो पांच दशकों में विकसित कंपनी की निरंतर परियोजना निष्पादन क्षमताओं को दर्शाता है। सहायक कंपनियों और संयुक्त उद्यमों सहित कंपनी की समेकित संस्थापित क्षमता 9,333 मेगावाट के पार पहुँच गई है, जिसमें 9,204 मेगावाट की कुल 17 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।
एकल आधार पर, एनएचपीसी के 25 पावर स्टेशनों की 7,401 मेगावाट संस्थापित क्षमता से वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 23,307 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हुआ है। नदियों के जल प्रवाह में भिन्नता के बावजूद, यह प्रदर्शन संयंत्र की उपलब्धता, कुशल जलाशय प्रबंधन और निवारक रखरखाव के माध्यम से एनएचपीसी की प्रचालन टीमों की निरंतरता को दर्शाता है।
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर, श्री गुप्ता ने कहा कि एनएचपीसी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ₹4,220.46 करोड़ का समेकित शुद्ध लाभ और ₹3,617.80 करोड़ का एकल शुद्ध लाभ प्राप्त किया है। उन्होंने कंपनी द्वारा बड़ी परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने के साथ-साथ विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन पर निरंतर ध्यान केंद्रित किए जाने को भी रेखांकित किया।
एनएचपीसी ने अपनी परियोजना विकास और स्वच्छ ऊर्जा पहलों में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिसमें 1,720 मेगावाट कमला जलविद्युत परियोजना के लिए सीसीईए की मंजूरी, 2,880 मेगावाट दिबांग बहूद्देशीय परियोजना में उल्लेखनीय प्रगति और 3,097 मेगावाट एटालिन जलविद्युत परियोजना के लिए अरुणाचल प्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करना शामिल है। कंपनी ने अपने पंप-भंडारण और नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो को भी आगे बढ़ाया है, जिसमें वेस्ट कल्लाडा, केरल में 50 मेगावाट की फ्लोटिंग सौर परियोजना तथा सिक्किम के 510 मेगावाट तीस्ता-V पावर स्टेशन को पुनः प्रचालित करना सम्मिलित है।
नवंबर 2025 में अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने और स्वर्ण जयंती मनाने के बाद, 50वीं आम वार्षिक बैठक एनएचपीसी की पचास साल की यात्रा का एक अहम पड़ाव भी थी।
श्री गुप्ता ने एनएचपीसी के विकास में भारत सरकार, केंद्र और राज्य सरकारों, नियामकों, शेयरधारकों, हितधारकों और कर्मचारियों के निरंतर समर्थन और योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया और उनकी सराहना की। उन्होंने दोहराया कि एनएचपीसी अपने पांच दशकों के अनुभव और विशेषज्ञता के आधार पर राष्ट्र के सुरक्षित, स्थायी और हरित ऊर्जा भविष्य की दिशा में अपना योगदान जारी रखेगी।
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फ़रीदाबाद
28.08.2026
अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक श्री भूपेंद्र गुप्ता ने एजीएम में शेयरधारकों को संबोधित किया। एनएचपीसी बोर्ड के सदस्यों सहित निदेशक (परियोजनाएं), श्री संजय कुमार सिंह, निदेशक (तकनीकी), श्री सुप्रकाश अधिकारी, निदेशक (वित्त), श्री महेश कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक), श्री परेश आर. राणपरा, सरकार द्वारा नामित निदेशक, श्री दिवाकर नाथ मिश्र, स्वतंत्र निदेशक, डॉ. बर्नाडेट लिंगदोह के साथ-साथ कंपनी सचिव श्रीमती रूपा देब भी उपस्थित थीं।
इस अवसर पर अपने संबोधन में, श्री गुप्ता ने भारत के स्वच्छ ऊर्जा ट्रांजिशन में विशेष रूप से सौर और पवन ऊर्जा के तीव्र विस्तार के बीच ग्रिड संतुलन, विद्युत की अधिक मांग के दौरान समर्थन तथा ऊर्जा भंडारण के लिए जलविद्युत के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पंप भंडारण परियोजनाओं पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने और सहायक नीतिगत उपायों से जलविद्युत क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण अवसर उत्पन्न हुए हैं। उन्होंने कहा कि एनएचपीसी अपने सुदृढ़ जलविद्युत पोर्टफोलियो और सौर, पवन व अन्य स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में बढ़ती मौजूदगी के कारण इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह से सक्षम है। एनएचपीसी के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दोहराते हुए, उन्होंने कहा कि कंपनी 2047 तक 50,000 मेगावाट की संस्थापित क्षमता प्राप्त करने और भारत की ऊर्जा सुरक्षा तथा स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी के प्रदर्शन को रेखांकित करते हुए, श्री गुप्ता ने कहा कि एनएचपीसी ने सुबनसिरी लोअर (750 मेगावाट), पार्बती-II (800 मेगावाट) और करणीसर सौर (300 मेगावाट) परियोजनाओं को चालू करके एक ही वित्तीय वर्ष में 1,850 मेगावाट की अपनी अब तक की सबसे अधिक क्षमता हासिल की है, जो पांच दशकों में विकसित कंपनी की निरंतर परियोजना निष्पादन क्षमताओं को दर्शाता है। सहायक कंपनियों और संयुक्त उद्यमों सहित कंपनी की समेकित संस्थापित क्षमता 9,333 मेगावाट के पार पहुँच गई है, जिसमें 9,204 मेगावाट की कुल 17 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।
एकल आधार पर, एनएचपीसी के 25 पावर स्टेशनों की 7,401 मेगावाट संस्थापित क्षमता से वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 23,307 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हुआ है। नदियों के जल प्रवाह में भिन्नता के बावजूद, यह प्रदर्शन संयंत्र की उपलब्धता, कुशल जलाशय प्रबंधन और निवारक रखरखाव के माध्यम से एनएचपीसी की प्रचालन टीमों की निरंतरता को दर्शाता है।
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर, श्री गुप्ता ने कहा कि एनएचपीसी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ₹4,220.46 करोड़ का समेकित शुद्ध लाभ और ₹3,617.80 करोड़ का एकल शुद्ध लाभ प्राप्त किया है। उन्होंने कंपनी द्वारा बड़ी परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने के साथ-साथ विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन पर निरंतर ध्यान केंद्रित किए जाने को भी रेखांकित किया।
एनएचपीसी ने अपनी परियोजना विकास और स्वच्छ ऊर्जा पहलों में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिसमें 1,720 मेगावाट कमला जलविद्युत परियोजना के लिए सीसीईए की मंजूरी, 2,880 मेगावाट दिबांग बहूद्देशीय परियोजना में उल्लेखनीय प्रगति और 3,097 मेगावाट एटालिन जलविद्युत परियोजना के लिए अरुणाचल प्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करना शामिल है। कंपनी ने अपने पंप-भंडारण और नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो को भी आगे बढ़ाया है, जिसमें वेस्ट कल्लाडा, केरल में 50 मेगावाट की फ्लोटिंग सौर परियोजना तथा सिक्किम के 510 मेगावाट तीस्ता-V पावर स्टेशन को पुनः प्रचालित करना सम्मिलित है।
नवंबर 2025 में अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने और स्वर्ण जयंती मनाने के बाद, 50वीं आम वार्षिक बैठक एनएचपीसी की पचास साल की यात्रा का एक अहम पड़ाव भी थी।
श्री गुप्ता ने एनएचपीसी के विकास में भारत सरकार, केंद्र और राज्य सरकारों, नियामकों, शेयरधारकों, हितधारकों और कर्मचारियों के निरंतर समर्थन और योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया और उनकी सराहना की। उन्होंने दोहराया कि एनएचपीसी अपने पांच दशकों के अनुभव और विशेषज्ञता के आधार पर राष्ट्र के सुरक्षित, स्थायी और हरित ऊर्जा भविष्य की दिशा में अपना योगदान जारी रखेगी।
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फ़रीदाबाद
28.08.2026