श्री दिवाकर नाथ मिश्रा सरकार नामित निदेशकडीआईएन : 07464700
श्री दिवाकर नाथ मिश्रा असम-मेघालय कैडर के वर्ष 2000 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के विशिष्ट अधिकारी हैं और वर्तमान में विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार में अपर सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
दो दशकों से अधिक की उत्कृष्ट लोक सेवा के दौरान श्री मिश्रा ने विद्युत, वित्त, वाणिज्य एवं उद्योग, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लोक प्रशासन, नीति-निर्माण और संस्थागत अभिशासन का व्यापक अनुभव अर्जित किया है। भारत सरकार में उनके वरिष्ठ नेतृत्वकारी दायित्वों तथा असम में जमीनी स्तर के प्रशासनिक अनुभव उनको शासन-व्यवस्था और नीति-निर्माण की गहरी समझ प्रदान करते हैं।
वित्त मंत्रालय, भारत सरकार में अपर सचिव के रूप में श्री मिश्रा ने वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) में भारत का प्रतिनिधित्व किया तथा वैश्विक वित्तीय अभिशासन की विकसित होती अवसंरचना में भारत के पक्ष और कार्यनीतिक प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में उन्होंने परिवर्तनकारी नीतिगत एवं संस्थागत सुधारों का नेतृत्व किया, जिनसे भारत के कृषि-निर्यात पारितंत्र को सुदृढ़ता मिली और पहली बार निर्यात एक बिलियन अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार कर सका।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में उन्होंने अपस्ट्रीम हाइड्रोकार्बन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण नीतिगत रूपरेखाओं—हाइड्रोकार्बन अन्वेषण एवं लाइसेंसिंग नीति (एचईएलपी) तथा ओपन एकरेज लाइसेंसिंग नीति (ओएएलपी)—के निर्माण और कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके फलस्वरूप भारत के तेल एवं गैस संसाधनों के अन्वेषण और विकास को प्रोत्साहन मिला तथा इस क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता के प्रयासों को बल मिला। उन्होंने ऑयल इंडिया लिमिटेड, मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड तथा इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड के निदेशक मंडलों में भी प्रतिनिधित्व किया।
नीति-निर्माण, निदेशक मंडल स्तर के अभिशासन तथा ऊर्जा क्षेत्र के पारितंत्र की उनकी व्यापक समझ और अनुभव से एनएचपीसी को कार्यनीतिक एवं संस्थागत विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा तथा विद्युत क्षेत्र के एक अग्रणी उद्यम के रूप में एनएचपीसी की स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी।
दो दशकों से अधिक की उत्कृष्ट लोक सेवा के दौरान श्री मिश्रा ने विद्युत, वित्त, वाणिज्य एवं उद्योग, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लोक प्रशासन, नीति-निर्माण और संस्थागत अभिशासन का व्यापक अनुभव अर्जित किया है। भारत सरकार में उनके वरिष्ठ नेतृत्वकारी दायित्वों तथा असम में जमीनी स्तर के प्रशासनिक अनुभव उनको शासन-व्यवस्था और नीति-निर्माण की गहरी समझ प्रदान करते हैं।
वित्त मंत्रालय, भारत सरकार में अपर सचिव के रूप में श्री मिश्रा ने वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) में भारत का प्रतिनिधित्व किया तथा वैश्विक वित्तीय अभिशासन की विकसित होती अवसंरचना में भारत के पक्ष और कार्यनीतिक प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में उन्होंने परिवर्तनकारी नीतिगत एवं संस्थागत सुधारों का नेतृत्व किया, जिनसे भारत के कृषि-निर्यात पारितंत्र को सुदृढ़ता मिली और पहली बार निर्यात एक बिलियन अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार कर सका।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में उन्होंने अपस्ट्रीम हाइड्रोकार्बन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण नीतिगत रूपरेखाओं—हाइड्रोकार्बन अन्वेषण एवं लाइसेंसिंग नीति (एचईएलपी) तथा ओपन एकरेज लाइसेंसिंग नीति (ओएएलपी)—के निर्माण और कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके फलस्वरूप भारत के तेल एवं गैस संसाधनों के अन्वेषण और विकास को प्रोत्साहन मिला तथा इस क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता के प्रयासों को बल मिला। उन्होंने ऑयल इंडिया लिमिटेड, मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड तथा इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड के निदेशक मंडलों में भी प्रतिनिधित्व किया।
नीति-निर्माण, निदेशक मंडल स्तर के अभिशासन तथा ऊर्जा क्षेत्र के पारितंत्र की उनकी व्यापक समझ और अनुभव से एनएचपीसी को कार्यनीतिक एवं संस्थागत विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा तथा विद्युत क्षेत्र के एक अग्रणी उद्यम के रूप में एनएचपीसी की स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी।