2000
मिलियन की
प्राधिकृत
पूँजी के साथ
किया गया और
इसका
उद्देश्य पूर्णरूप
से हाइड्रोइलैक्टिक
पावर के
समेकित एवं
दक्ष विकास की
योजना बनाना,
विकसित करना
और संगठित
करना है। बाद
में एनएचपीसी
लिमिटेड ने
अपने ध्येयों
को विस्तृत
करके इसमें
जियोथर्मल.
टाइडल एवं
विन्ड आदि
जैसे ऊर्जा के
अन्य
स्त्रोतों को
भी शामिल कर
लिया।
इस
समय एनएचपीसी
लिमिटेड
भारत सरकार
का श्रेणी "ए"
उधम है जिसकी
प्राधिकृत हिस्सा पूँजी
Rs. 1,50,000 Million
है।
Rs. 3,87,180 Million Approx.
से अधिक के
निवेश आधार
वाली एनएचपीसी
लिमिटेड
निवेश के
परिप्रेक्ष्य
में देश की
सर्वोपरि दस
कम्पनी में से
एक है।
एनएचपीसी
लिमिटेड ने
अपने गठन के
साथ शुरू में
सैन्ट्रल
हाइड्रोइलैक्टिक
प्रोजक्टस
कंट्रोल
बोर्ड से सलाल
चरण-I,
बैरास्यूल
तथा लोकटक
हाइड्रोइलैक्टिक
परियोजनाओं
का कार्य अपने
हाथ में लिया।
तब से कंपनी
ने संयुक्त
उधम वाली
14
परियोजनाओं
को पूरा किया
है। एनएचपीसी
लिमिटेड ने
टर्न की आधार
पर
5295
मेगावाट की
संस्थापित
क्षमता वाली
3 परियोजनाओं
को भी पूरा
किया है।
इनमें से
5 परियोजनाएं
पड़ोसी देशों
जैसे नेपाल और
भूटान में
चालू की गई
है।
वित्तीय
वर्ष
2010-2011
के
दौरान एनएचपीसी
लिमिटेड
पावर
स्टेशनों ने
18606 MU
यूनिट बिजली
का उत्पादन
किया है जो कि
अब तक का सबसे
अधिक विद्युत
उत्पादन है।